वाक़ये
हो सकता है
हुआ भी हो शायद !
गुस्ताख़ी के कुछ
करवटें बदलते वाक़ये रहे हों
कुछ तेज़ कदम चलने में
ज़मीं की धूल-से उभर आये हों !
हो सकता है
हुआ भी हो शायद !
कुछ उनमें से अंधे रहे हों
वाक़ये
देख न पाए हो हक़ीक़त
या कि
नज़र पर चश्मा रखना भूल गए हों !
हो सकता है
हुआ भी हो शायद !
ज़ेहन में कुछ
करछाते हों वाक़ये
खुद की कब्र की
मिट्टी
आप लिए
मुंह मीठा करा रहे हों
खुश होकर !
हो सकता है
हुआ भी हो शायद !
No comments:
Post a Comment